
दर मियाने पर्देये खून इश्क रा गुलजार –हा
आशिकान् रा बा जमाले इश्क बी चून् कार हा
अक्ल गूयद शिश जहत हद्द स्तो बीरून राह नीस्त
इश्क गूयद राह हस्तो रफ्ते अम मन बार हा
अक्ल बाजारी बेदीदो ताजिरी आगाज कर्द
इश्क दीदे जान् सुये बाजारे ऊ बाजार हा
ऐ बसा मन्सूरे पिन्हान् ज् ऐतिमादे जाने इश्क
तर्के मिम्बर हा बेगुफ्ते बर शुदे बर दार हा
आशिकाने दर्दकिश रा दर दरूने जौक हा
आकिलाने तीरेदिल रा दर दरून इन्कार हा
अक्ल गूयद पा मनेह कऽन्दर फना जुज खार नीस्त
शम्से तबरीजी तुई खुर्शीद अन्दर अब्रे हर्फ
चून् बरामद आफताबत मह्व शुद गुफ्तार हा
तर्क कहता है दिशाओं के परे मार्ग नहीं है...
...प्रेम कहता है कि है.....और मैं कई बार गया भी हूं...
{मौलाना जलालुद्दीन रूमी}
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